पीएम मोदी की सादगी और ऊर्जा बचत अपील की अनदेखी पड़ गई भारी, प्रदेश संगठन ने अनुशासनहीनता मानते हुए हटाया पद से
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ काफिला, पार्टी ने दिखाई सख्ती
भाजपा किसान मोर्चा के भिंड जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में उनके नेतृत्व में निकाली गई विशाल वाहन रैली की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और सादगी की अपील के विपरीत माना है।
भाजपा किसान मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि 13 मई 2026 को ग्वालियर से भिंड तक सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ किसान मोर्चा की रैली निकाली गई थी। प्रदेश संगठन ने इस आयोजन को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार सज्जन सिंह यादव की जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा भिंड की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी।
हाल ही में मिली थी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार सज्जन सिंह यादव को हाल ही में भाजपा किसान मोर्चा भिंड का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। नियुक्ति के बाद उनके स्वागत और शक्ति प्रदर्शन के रूप में बड़ी संख्या में समर्थक वाहनों के साथ भिंड पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लंबा काफिला, नारेबाजी और हॉर्न बजाते वाहन दिखाई दिए, जिसके बाद मामला राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चा का विषय बन गया।
नेशनल हाईवे पर लगा जाम, विपक्ष ने भी उठाए सवाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक काफिले में 100 से लेकर 120 से अधिक वाहन शामिल थे। काफिले के चलते नेशनल हाईवे-719 सहित कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और सवाल उठाए कि जब प्रधानमंत्री स्वयं सादगी और ईंधन बचत की बात कर रहे हैं तब पार्टी नेताओं द्वारा इस तरह का शक्ति प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है।
पीएम मोदी की अपील के बाद संगठन हुआ सख्त
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में सादगी, सीमित संसाधनों के उपयोग और ईंधन बचत की अपील की गई थी। इसके बाद मध्यप्रदेश भाजपा संगठन लगातार नेताओं और पदाधिकारियों को संयमित कार्यक्रम आयोजित करने के संकेत दे रहा था। इसी क्रम में बड़े वाहन काफिलों और शक्ति प्रदर्शन पर संगठन का रुख सख्त दिखाई दे रहा है।
पार्टी के भीतर अनुशासन का संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा संगठन इस कार्रवाई के जरिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि पार्टी लाइन और शीर्ष नेतृत्व की अपील से अलग जाकर शक्ति प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। खास बात यह है कि नियुक्ति मिलने के कुछ ही समय बाद जिलाध्यक्ष पद निरस्त होने से भिंड भाजपा की राजनीति में यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।
