सिवनी मालवा के स्कूलों में बजी खतरे की घंटी, 973 छात्र कम हुए, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सिवनी मालवा. ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। स्कूल शिक्षा पोर्टल 3.0 की 27 अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉक के सरकारी और निजी स्कूलों में कुल छात्र संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में जहां कुल 31 हजार 631 विद्यार्थी पंजीकृत थे, वहीं वर्ष 2026-27 में यह संख्या घटकर 30 हजार 658 रह गई है। यानी एक ही साल में 973 विद्यार्थियों की कमी दर्ज हुई है। यह आंकड़ा शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है।

बड़े स्कूलों से भी छात्र हुए गायब

रिपोर्ट में सबसे ज्यादा गिरावट कुछ प्रमुख स्कूलों में दर्ज की गई है। जीएचएसएस बाघवाड़ा में 78 छात्र कम हुए हैं। द राइजिंग पब्लिक स्कूल पगढाल में 70 विद्यार्थियों की कमी आई है। ज्ञानज्योति पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल खापरिया में 69 छात्र घटे हैं। जीएचएसएस खापरिया में 67 विद्यार्थियों की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि नर्मदा वैली अकादमी सिवनी मालवा में 62 छात्र कम हो गए हैं। इससे साफ है कि केवल छोटे स्कूल ही नहीं, बल्कि बड़े और स्थापित संस्थान भी इस संकट से जूझ रहे हैं।

शासकीय स्कूलों की हालत भी चिंताजनक

सरकारी स्कूलों में भी छात्र संख्या में गिरावट देखी गई है। पीएमश्री गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल सिवनी मालवा में 30 छात्र कम हुए हैं। शासकीय संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल में 23 विद्यार्थियों की कमी दर्ज हुई है। मॉडल मिडिल स्कूल, जीएचएस नवीन सिवनी मालवा और कई ग्राम स्तरीय स्कूलों में भी छात्र संख्या नीचे आई है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सरकारी स्कूलों पर अभिभावकों का भरोसा कमजोर हो रहा है।

निजी स्कूलों पर भी असर, प्रतिस्पर्धा बढ़ी

निजी स्कूलों की स्थिति भी पूरी तरह मजबूत नहीं दिख रही है। जीव ज्योति पब्लिक हाई स्कूल हथनापुर में 45 छात्र कम हुए हैं। टैगोर मॉडल पब्लिक स्कूल शिवपुर में 36 की गिरावट आई है। आचार्य चाणक्य हायर सेकेंडरी स्कूल सिवनी मालवा में 35 छात्र घटे हैं। कई निजी संस्थानों में कम एडमिशन यह संकेत दे रहे हैं कि अब अभिभावक स्कूल चुनने में ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

कुछ स्कूल बने उम्मीद की किरण

जहां कई स्कूलों में गिरावट दर्ज हुई, वहीं कुछ संस्थानों ने शानदार प्रदर्शन भी किया है। जीएचएसएस शिवपुर में 119 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी हुई है, जो पूरे ब्लॉक में सबसे ज्यादा है। जीएचएसएस मालापट में 110 छात्रों की वृद्धि हुई है। सेंट चार्ल्स कॉन्वेंट स्कूल सिवनी मालवा में 69 छात्र बढ़े हैं। नर्मदा पब्लिक स्कूल नंदरवाड़ा में 58 और स्वामी दयानंद सरस्वती आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल में 39 छात्रों की वृद्धि दर्ज की गई है। इन स्कूलों की बढ़ती संख्या बेहतर प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर संकेत करती है।

क्यों घट रहे छात्र, कई कारण सामने

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार छात्र संख्या घटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन, निजी स्कूलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा, शिक्षा की गुणवत्ता, परिवहन सुविधा की कमी, डिजिटल पढ़ाई का बढ़ता प्रभाव और अभिभावकों की बदलती सोच इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। कई परिवार अब बच्चों को बेहतर सुविधाओं वाले स्कूलों में भेजना पसंद कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग के लिए चेतावनी

लगातार घटती छात्र संख्या शिक्षा विभाग के लिए सीधी चेतावनी मानी जा रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में कई छोटे स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। खाली होती कक्षाएं, घटते संसाधन और कमजोर परिणाम भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

अब क्या करेगा प्रशासन

अब सबकी नजर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन पर टिकी है कि वे इस गिरावट को रोकने के लिए क्या रणनीति बनाते हैं। यदि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शिक्षक व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तो हालात सुधर सकते हैं। फिलहाल यह रिपोर्ट सिवनी मालवा की शिक्षा व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी साबित हुई है।

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