सैटेलाइट इमेज के माध्यम से मूंग फसल एवं पड़त भूमि का किया जा रहा सत्यापन
तहसीलदार अंकित मौर्य एवं नायब तहसीलदार आलोक भद्र ने ग्राम मिसरोद पहुंचकर किया मौके पर निरीक्षण
डोलरिया/नर्मदापुरम। मौसम जायद 2026 के अंतर्गत फसल गिरदावरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सैटेलाइट इमेज के माध्यम से संभावित मूंग फसल एवं पड़त भूमि का सत्यापन किया जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा सारा एप के माध्यम से प्राप्त जानकारी का पटवारियों द्वारा मौके पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है।
कलेक्टर नर्मदापुरम के निर्देशानुसार तहसीलदार डोलरिया श्री अंकित मौर्य एवं नायब तहसीलदार श्री आलोक भद्र ने तहसील डोलरिया अंतर्गत ग्राम मिसरोद का भ्रमण कर गिरदावरी सत्यापन कार्य का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर चिन्हित भूमि एवं वास्तविक स्थिति का अवलोकन कर सत्यापन प्रक्रिया का जायजा लिया।
तकनीकी समस्याओं के निराकरण हेतु दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सत्यापन कार्य में आ रही तकनीकी समस्याओं एवं व्यवहारिक चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ किया जाए, ताकि किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ वास्तविक आंकड़ों के आधार पर प्राप्त हो सके।
तकनीक आधारित गिरदावरी से बढ़ेगी सटीकता
राजस्व विभाग द्वारा सैटेलाइट आधारित सर्वेक्षण एवं सारा एप के उपयोग से फसल संबंधी आंकड़ों की सटीकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादन के सही आंकड़े उपलब्ध होने के साथ-साथ राजस्व अभिलेखों का अद्यतन कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान हल्का पटवारी हिमांशु देशमुख, ग्राम कोटवार मिसरोद एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजस्व अमले को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में गिरदावरी सत्यापन कार्य पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
