“जब लोकतंत्र पर लगा था ताला: आपातकाल के 50 साल पर कुसुम महाविद्यालय सिवनी मालवा की युवा संसद में गंभीर चर्चा”

“जब लोकतंत्र पर लगा था ताला: आपातकाल के 50 साल पर कुसुम महाविद्यालय सिवनी मालवा की युवा संसद में गंभीर चर्चा”

कुसुम महाविद्यालय बानापुरा में ‘विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट’ का आयोजन
लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर हुआ संवाद

नर्मदापुरम। सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बानापुरा स्थित शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जिला स्तरीय “विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा माय भारत के समन्वय से विकसित भारत 2047 के संकल्प को केंद्र में रखकर किया गया। इस दौरान युवाओं ने “आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के सबक” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक प्रेमशंकर वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन रहे। अतिथियों ने कलश पूजन और मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के माध्यम से मां भारती को नमन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार रघुवंशी ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

युवाओं को मिला लोकतांत्रिक संवाद का मंच

प्राचार्य राजेश कुमार रघुवंशी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। युवा संसद कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में चयनित सर्वश्रेष्ठ 10 विद्यार्थियों को आगामी विधानसभा स्तर की युवा संसद में भाषण देने का अवसर प्राप्त होगा।

लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं की अहम भूमिका : सांसद

सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र के उस कठिन दौर से सीख लेकर हमें संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना होगा। उन्होंने युवाओं को नवाचार, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

आपातकाल से मिली सीख को समझना जरूरी : विधायक

विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अध्याय है, जिससे हमें लोकतंत्र की मजबूती और नागरिक अधिकारों के महत्व को समझने की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि सहभागी लोकतंत्र के माध्यम से युवा एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

युवाओं को मिला विचार रखने का अवसर

नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी प्रतिभा और विचार समाज तथा राष्ट्र के सामने रखने का मंच प्रदान करते हैं। इससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए 35 से अधिक विद्यार्थियों ने “आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के सबक” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि प्रथम से पंचम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

 

परिणाम – छात्र/छात्रा का नाम – कक्षा – महाविद्यालय का नाम

  1. प्रथम – चंचल यादववंशी – बी.ए. प्रथम वर्ष – शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा
  2. द्वितीय – सलोनी राजपूत – बी.ए. तृतीय वर्ष – शासकीय महाविद्यालय डोलरिया
  3. तृतीय – अनुभव तिवारी – बी.ए. द्वितीय वर्ष – शासकीय माधनलाल चतुर्वेदी महाविद्यालय माखननगर
  4. चतुर्थ – शिवांशु मिश्रा – बी.ए. द्वितीय वर्ष – पी.एम. श्री शासकीय नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम
  5. पंचम – दिव्यांश – बी.ए. तृतीय वर्ष – शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी मालवा

 

निर्णायकों ने किया प्रतिभागियों का मूल्यांकन

कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका में हंसा व्यास, बी.एल. डेहरिया, एस.के. अग्रवाल, चंचल शास्त्री और विजय कुमार ठाकुर उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के विचारों का मूल्यांकन किया।

इनका रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में निक्की राठौड़, दिग्विजय सिंह खत्री, उमेश कुमार धुर्वे का विशेष सहयोग रहा। आयोजन में संयोजक ए.के. यादव, नोडल अधिकारी मोहन सिंह गुर्जर और विजय श्री मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन रश्मि सोनी और नवनीत कुमार सोनारे ने किया।

इस अवसर पर एस.के. सोनी, कमल सिंह अहिरवार, प्रेम नारायण परते, जया कैथवास, तनय सितोरे, कैलाश विश्वकर्मा, कैलाश गढ़वाल, प्रीति गुप्ता, निधि छीपा, रेखा पटेल, अभिषेक गोलाईत, सोमेश कुमार राठौर, अंजली भट्ट, कनक कुमरावत, जयश्री चौहान, रीना मालवीय, अरुणेश, आकाश मांवासे सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में विजय श्री मालवीय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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