रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म : रितेश ‘रिंकू’ जैन ने गंभीर मरीज को बचाने के लिए दी अमूल्य सेवा

रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म : रितेश ‘रिंकू’ जैन ने गंभीर मरीज को बचाने के लिए दी अमूल्य सेवा

सिवनी मालवा। “रक्तदान महादान है, इससे बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता” यह पंक्ति सिवनी मालवा नगर पालिका अध्यक्ष रितेश (रिंकू) जैन ने अपने कर्म से साकार कर दिखाई।

दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे नर्मदापुरम से लौट रहे थे। इस दौरान डोलरिया के पास पहुंचने पर उन्हें कॉल आया कि एक मरीज की हालत बेहद नाजुक है और तुरंत O- ब्लड की आवश्यकता है। यह ब्लड ग्रुप अत्यंत दुर्लभ होने के कारण तत्काल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।

जैसे ही रिंकू जैन को यह जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए वाहन मोड़ा और लगभग 25 किलोमीटर पीछे जाकर नर्मदापुरम जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्वयं O- ब्लड दान किया। उनकी तत्परता से मरीज का जीवन सुरक्षित किया जा सका।

जिला अस्पताल के शेर सिंह भैया ने बताया कि रिंकू जैन अब तक 40 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

इस अवसर पर रिंकू जैन ने कहा,

“रक्तदान जीवनदान है। यदि हमारे थोड़े से प्रयास से किसी की साँसें चलती रहती हैं, तो यह सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। हर सक्षम व्यक्ति को नियमित रक्तदान करना चाहिए। यह समाज और मानवता के प्रति हमारा नैतिक दायित्व है।”

रिंकू जैन की इस मानवता और संवेदनशीलता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सच्चा समाजसेवक वही है जो समय आने पर निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करे।

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