राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने पेंशनर्स की समस्याओं पर जताई चिंता, कलेक्टर को लिखा पत्र

राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने पेंशनर्स की समस्याओं पर जताई चिंता, कलेक्टर को लिखा पत्र

नर्मदापुरम।  राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने के दौरान होने वाली असुविधाओं को लेकर जिला कलेक्टर सोनिया मीणा को पत्र लिखा है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि नवंबर माह में सभी बुजुर्ग पेंशनर्स को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र संबंधित बैंक में जमा करना होता है, किंतु बैंकों में इनके लिए संतोषजनक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अधिकांश बैंकों में एक ही काउंटर पर सैकड़ों बुजुर्ग लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। कई वरिष्ठ नागरिक अकेले आते हैं और घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर होते हैं। बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी तथा छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखकर अत्यंत दुख होता है।

श्रीमती नारोलिया ने इसे “अति संवेदनशील एवं मानवीय विषय” बताते हुए कलेक्टर से अनुरोध किया है कि जिले के सभी बैंकों को निर्देशित किया जाए ताकि पेंशनर्स के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे — अलग काउंटर, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता तथा सहायता डेस्क आदि सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सुविधा सुनिश्चित करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है बल्कि यह एक सामाजिक कर्तव्य भी है।

ज्ञात हो कि प्रत्येक पेंशनर को हर वर्ष 30 नवंबर तक जीवित प्रमाण पत्र बैंक में जमा करना होता है। परंतु कई बैंकों में आवश्यक प्रबंधों के अभाव के कारण वरिष्ठ नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों के असंवेदनशील व्यवहार से भी उन्हें मानसिक पीड़ा होती है।

सांसद माया नारोलिया द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को उठाने की पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन्स ने सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि श्रीमती नारोलिया ने इस विषय पर पत्र लिखकर अपने संवेदनशील, सहृदय और सजग जनप्रतिनिधि होने का परिचय दिया है।

error: Content is protected !!