पुरानी इटारसी में 1 करोड़ 60 लाख की लागत से बने वीर सावरकर स्टेडियम का लोकार्पण
सांसद दर्शन सिंह चौधरी बोले : युवा खेलों में उत्कृष्टता से प्रदेश और देश का नाम करें रोशन
नर्मदापुरम। पुरानी इटारसी के दशहरा मैदान स्थित वीर सावरकर स्टेडियम का लोकार्पण शनिवार को भव्य समारोह में किया गया। लगभग ₹1 करोड़ 60 लाख की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक खेल परिसर का उद्घाटन सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अर्चरी प्रदर्शन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत वीर सावरकर को समर्पित अर्चरी (तीरंदाजी) प्रदर्शन से हुई। युवा खिलाड़ियों ने अपने कौशल और जोश से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
इस प्रदर्शन ने न केवल युवाओं की खेल प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि वीर सावरकर के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को भी याद करने का अवसर प्रदान किया।
सांसद चौधरी बोले — खेल ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक
स्टेडियम लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि “हमारे युवा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाएं और आगामी ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन करें — यही सच्ची देशभक्ति है।”
उन्होंने वीर सावरकर को राष्ट्रनायक और सच्चे देशभक्त बताते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा और त्याग का प्रतीक है।
चौधरी ने कहा कि सावरकर जी ने अपने विचारों और कर्मों से भारत की स्वतंत्रता के लिए जो योगदान दिया, वह हर युवा के लिए मार्गदर्शक है।
युवाओं को खेल और शिक्षा में आगे बढ़ने का आह्वान
सांसद चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें खेल, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि हर गांव और हर नगर से उत्कृष्ट खिलाड़ी निकलें, जो प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।”
उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के साथ अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल करें।
स्थानीय नागरिकों में उत्साह, खिलाड़ियों ने जताया आभार
नवनिर्मित वीर सावरकर स्टेडियम के लोकार्पण से क्षेत्र के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय नागरिकों और युवा खेल प्रेमियों ने सांसद एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस स्टेडियम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के अवसर मिलेंगे।
