जयस्तंभ चौक सहित पांच प्रमुख स्थलों पर नियमों की धज्जियाँ, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल
सिवनी मालवा । नगर के प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र जयस्तंभ चौक पर बिना स्पष्ट अनुमति लगाए गए विशाल होर्डिंग और कट-आउट को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शहरवासियों का आरोप है कि यह केवल एक स्थान की समस्या नहीं, बल्कि सिवनी मालवा से बानापुरा तक फैली अवैध होर्डिंग संस्कृति का परिणाम है, जिस पर प्रशासन की ढिलाई और चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
नागरिकों के अनुसार, व्यस्त मार्ग पर बड़े आकार के कट-आउट न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं बल्कि वाहन चालकों का ध्यान भी भटका रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि इन होर्डिंगों की अनुमति किस अधिकारी द्वारा और किन शर्तों के तहत प्रदान की गई। यदि यह बिना अनुमति लगाए गए हैं तो इन्हें तत्काल हटाकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार सिवनी मालवा से बानापुरा तक कुल पांच स्थानों पर अवैध रूप से होर्डिंग और कट-आउट लगाए गए हैं, जिनमें जयस्तंभ चौक, पुराना बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, कैलाश पेट्रोल पंप के सामने तथा बानापुरा बस स्टैंड शामिल हैं। शिकायत के बाद नगर पालिका का अमला इन्हें हटाने की कार्रवाई में जुट गया है, लेकिन इसके बावजूद यह प्रश्न उठ रहा है कि यदि होर्डिंग अवैध हैं तो उन्हें जब्त क्यों नहीं किया गया और संबंधित लोगों पर जुर्माना सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दुर्घटना को न्योता देता अव्यवस्थित होर्डिंग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर यह होर्डिंग लगाया गया है, वह यातायात दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
- बड़े आकार के कट-आउट से सड़क का दृश्य बाधित हो रहा है।
- वाहन चालकों का ध्यान भटक रहा है।
- शाम और रात के समय दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी।
पांच स्थानों पर खुलेआम नियमों की अनदेखी
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी मालवा से बानापुरा मार्ग पर कुल पांच प्रमुख स्थानों पर अवैध रूप से होर्डिंग और कट-आउट लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- जयस्तंभ चौक
- पुराना बस स्टैंड
- नया बस स्टैंड
- कैलाश पेट्रोल पंप के सामने
- बानापुरा बस स्टैंड
इन सभी स्थानों पर बिना उचित अनुमति और मानकों के होर्डिंग लगाए जाने का आरोप है, जो सीधे-सीधे नगर पालिका के नियमों का उल्लंघन है।
कार्रवाई या सिर्फ दिखावा?
शिकायत के बाद नगर पालिका का अमला होर्डिंग हटाने में जुट गया है, लेकिन नागरिकों का सवाल है कि यदि ये होर्डिंग अवैध हैं तो:
- इन्हें जब्त क्यों नहीं किया गया?
- संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया गया?
- कानूनी कार्रवाई से क्यों बचा जा रहा है?
- क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में कार्रवाई अधूरी छोड़ी जा रही है?
प्रशासन से तीखी मांग
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर पालिका से निम्न मांगें की हैं:
- होर्डिंग की अनुमति से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएँ।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
- दोषियों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में अवैध होर्डिंग लगाने पर सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
शहर की सुंदरता और सुरक्षा से खिलवाड़
अवैध होर्डिंग केवल यातायात ही नहीं, बल्कि शहर की छवि और सौंदर्य को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर लगाए जा रहे ये कट-आउट नगर के नियोजन पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका केवल अस्थायी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती है या फिर वास्तव में दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाकर मिसाल कायम करती है। फिलहाल नागरिकों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
