इटारसी : इटारसी शहर में बिजली कंपनी द्वारा जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ कांग्रेस का विरोध अब मुखर होता जा रहा है। मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय शुक्ला और सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानंद तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के इटारसी कार्यालय पहुंचा, जहां डेलिगेशन ने वरिष्ठ अधिकारी DGM पांडे और इंजीनियर कनोजिया से विस्तृत चर्चा की।
गजानंद तिवारी ने जताई तीखी आपत्ति
गजानंद तिवारी ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि कांग्रेस सड़क से लेकर संसद और विधानसभा तक जनता की आवाज़ बुलंद करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता को स्मार्ट मीटर से परेशान किया गया तो कांग्रेस न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगी। तिवारी ने पूछा कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने का कोई आधिकारिक आदेश है तो उसकी लिखित प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनता के हित में कानूनी लड़ाई लड़ी जा सके।
तिवारी ने आगे कहा,
“यह सरकार केवल जनता की गाढ़ी कमाई पर नजर गड़ाए बैठी है। सीहोर में बंदूक की नोक पर मीटर लगाए गए, गनीमत है कि इटारसी में ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती मीटर थोपना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
स्थानीय पार्षदों का भी विरोध
डेलिगेशन के साथ आए कांग्रेस पार्षदों ने भी खुलकर विरोध जताया:
- पार्षद दिलीप गोस्वामी (वार्ड 1): “मेरे वार्ड में अगर जनता नहीं चाहती, तो एक भी स्मार्ट मीटर नहीं लगने दूंगा।”
- पार्षद सीमा भदोरिया (वार्ड 24): “जनता को जानकारी और विश्वास में लिए बिना यह जबरदस्ती निंदनीय है।”
- पार्षद अंजलि कलसिया: “सुनने में आया है कि बिल जमा करने में एक दिन की भी देर हुई तो मीटर खुद लाइट काट देगा। गरीब परिवार क्या करें?”
प्रमाणों के साथ विरोध
सेवादल जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता ने वेबसाइट और वरिष्ठ अधिकारियों के बयान दिखाते हुए बताया कि उपभोक्ताओं से लगभग ₹5,000 तक की वसूली किस्तों में की जाएगी।
अजय “टप्पू” मिश्रा ने दो टूक कहा, “हम खुलकर विरोध करने आए हैं और किसी भी हालत में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।”
महिलाओं की पीड़ा पर भी जोर
महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष नेहा चावरे ने कहा कि महंगाई के इस दौर में पहले ही महिलाएं घर चलाने में संघर्ष कर रही हैं।
“एक महिला ने तो आत्महत्या की बात कही थी। क्या सरकार का मकसद जनता को इस कदर परेशान करना है?”
सरकार से गंभीर सवाल
संजय धर ने सवाल उठाया कि जब पुराने मीटर खराब नहीं थे तो उन्हें क्यों बदला जा रहा है?
लाली सलूजा ने सरकार को चेताया कि “दमनकारी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।”
गजानंद तिवारी ने आरोप लगाया कि “स्मार्ट मीटर की रीडिंग बुलेट ट्रेन की तरह भाग रही है। जनता में डर है, अखबारों में खबरें आ रही हैं कि चेक मीटर चोरी पकड़ रहे हैं, तो फिर ऐसे ‘लूट मीटर’ क्यों लगाए जा रहे हैं?”
आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा भी उठा
बिजली विभाग द्वारा ‘मानव रहित प्रक्रिया’ अपनाने के निर्णय पर डेलिगेशन ने सवाल उठाया कि क्या सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों की रोज़ी-रोटी छीनना चाहती है? यह बेरोजगारी को और बढ़ावा देगा।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का सिलसिला नहीं रुका तो बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
प्रमुख उपस्थितजन:
- अजय शुक्ला, गजानंद तिवारी, लाली सलूजा, अजय मिश्रा (टप्पू)
- सेवादल ज़िला अध्यक्ष अमित गुप्ता, नरेश चौहान, रमजान भाई
- पार्षदगण: दिलीप गोस्वामी, सीमा भदोरिया, अंजलि कलसिया
- महिला कांग्रेस अध्यक्ष नेहा चावरे
- सेवादल नगर अध्यक्ष करण भदोरिया
- अनुसूचित जाति नगर अध्यक्ष सोनू बागोरिया
- अल्पसंख्यक नगर अध्यक्ष इरफान गोलंदाज
- सेवादल ज़िला महामंत्री संजय धर, नारायण गौर, राहुल दुबे, दिनेश बलौरिया, संतोष बामने, पप्पी कालोसिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
