नर्मदापुरम। इटारसी में “पोषण भी पढ़ाई भी”* के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय पोषण मिशन सक्षम आंगनवाड़ी 2.0 के तहत नई शिक्षा नीति पर आधारित पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम 10/05/ 2023 को शुरू किया गया और अब इसके अंतर्गत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के साथ 0 से 3 वर्ष के बच्चों को सम्मिलित कर नव चेतना के रूप में किया जा रहा है। दिनांक 24/ 03 /2025 से 29 03 /2025 तक जिले के समस्त परियोजना अंतर्गत 24/03/2025 से 26/03/2025 एवं 27/03/2025 से 29/03/2025 तक दो batch main प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।
इटारसी के ईश्वर सभागृह में आयोजित 6 दिवसीय प्रशिक्षण के आज पांचवे दिवस दिनांक 28/03/2025 को संभागीय संयुक्त संचालक नर्मदापुरम श्री हरि कृष्ण शर्मा जी एवं इटारसी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री टी. प्रतीक राव जी(IAS) द्वारा प्रशिक्षण स्थल पर निरीक्षण किया गया।
संभागीय संयुक्त संचालक (नर्मदापुरम) श्री हरिकृष्ण शर्मा जी द्वारा कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण की जानकारी ली गई। उनके द्वारा बताया गया कि पोषण भी पढ़ाई भी का उद्देश्य शुरुआती बाल्यावस्था में बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को उजागर करना हे साथ ही यह मिशन आंगनवाड़ी तथा पोषण अभियान के दूसरे चरण मिशन पोषण 2.0 का महत्वपूर्ण घटक हे एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उल्लिखित है।
अनुविभागीय अधिकारी श्री टी प्रतीक राव(IAS)जी द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली गई एवं कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण अच्छे से ग्रहण कर उसका उपयोग अपनी आंगनवाड़ी में आवश्यक रूप करें बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें। जिसमें यह सुनिश्चित करें कि आपके केंद्र में एक भी बच्चा कुपोषित ना हो। मेरी प्राथमिकता हमेशा आपके लिए कुपोषण को दूर करने हेतु किया जा रहे कार्य के लिए ही रहेगी। बच्चों को अर्ली चाइल्ड केयर एजुकेशन (ECCE) नियमित रूप से दें साथ ही बच्चों को प्रतिदिन संगीत से भी जोडे और अच्छे गीत संगीत भी सुनाएं एवं सिखाएं । यह प्राथमिक शिक्षण निर्देश के जरिए के रूप में मातृभाषा में सीखने व सीखने हेतु आंगनबाड़ी सेविकाओं की विभिन्न प्रकार की शिक्षण अधिगम सामग्री प्रदान करेगा। बच्चों गीत संगीत के माध्यम से अनौपचारी शिक्षा दी जाएगी तो उनका मानसिक विकास और तेजी से होगा।
पोषण भी पढ़ाई भी बच्चों के समग्र एवं गुणवत्ता पूर्ण प्रारंभिक प्रोत्साहन व आरंभिक प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने विकासात्मक रूप से उपयुक्त शिक्षा शास्त्र के उपयोग को सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक शिक्षा सहित स्वास्थ्य व पोषण संबंधी सेवाओं पर जोर देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। महिला बाल विकास के कंधों पर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की जिम्मेदारी दी गई जिसे इस प्रशिक्षण के माध्यम से वह अपनी पूर्ण जिम्मेदारी से निभाए।
प्रभारी परियोजना अधिकारी (कॉर्स डायरेक्टर) श्रीमती दीप्ति शुक्ला द्वारा बताया यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा निर्देश के अनुसार देश की भावी पीढ़ी की नींव मजबूत करने में समुदाय को शामिल करने हेतु एक जन आंदोलन बनाने में मदद करेगा। सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कंधों पर ये जिम्मेदारी है और उम्मीद हे कि वह इस कार्यक्रम को सफल बनाएंगी जिसके लिए हम सभी उन्हें शुभकामनाएं देते है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्रीमती पूनम मौर्या, राखी मौर्य, श्रीमती मीना गाथले, श्रीमती अर्चना बस्तवार उपस्थित रही।
