जुमेराती शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह के खिलाफ बालिकाओं को दिलाई गई शपथ

जुमेराती शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह के खिलाफ बालिकाओं को दिलाई गई शपथ

नर्मदापुरम। जुमेराती शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूली बालिकाओं को बाल विवाह न करने एवं समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने की शपथ दिलाई गई।

कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक चंद्र किरण डोले ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कम उम्र में विवाह करने से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना एवं दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह में शामिल होने वाले समस्त लोग—जैसे घराती, बराती, रसोइया, पंडित सहित अन्य—भी अपराध की श्रेणी में आते हैं। यदि कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना निकटस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस, विद्यालय शिक्षक अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल दी जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बालिकाओं ने बाल विवाह के विरोध में सामूहिक शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यकर्ता, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाते हुए उन्हें अपने अधिकारों और कानून की जानकारी देना रहा।

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