डोलरिया | डोलरिया के मिसरोद रोड स्थित आई.सी.सी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दिनांक 26 दिसंबर 2025 को भारत सरकार द्वारा घोषित वीर बाल दिवस के अवसर पर “वीर साहिबज़ादे बलिदान स्मृति दिवस” अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन एवं भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय की दैनिक प्रातःकालीन सभा के पश्चात आयोजित किया गया, जिसमें संपूर्ण विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं श्री गुरु गोविंद सिंह जी तथा चारों साहिबज़ादों के चित्र पूजन के साथ हुआ। सर्वप्रथम संस्था के डायरेक्टर महोदय, तत्पश्चात शिक्षकों एवं विभिन्न कक्षाओं के मॉनिटर्स द्वारा श्रद्धा अर्पित की गई। यह दृश्य विद्यालय में संस्कार, अनुशासन एवं नेतृत्व के समन्वय को दर्शाता प्रतीत हुआ।
इसके पश्चात गुरु गोविंद सिंह जी एवं उनके चार साहिबज़ादों के साहस, त्याग और अमर बलिदान पर आधारित भावनात्मक भाषणों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई।
कक्षा अनुसार विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए— वैष्णवी गौर (कक्षा 4), वंश यादव (कक्षा 6), देवांश गौर (कक्षा 7), तेजसिंह मालवीय (कक्षा 9) एवं तनु राठौर (कक्षा 11)।
इन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, स्पष्ट विचार और प्रभावी अभिव्यक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया कि विद्यालय में शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रबोध का माध्यम है। सभी भाषणों ने यह संदेश दिया कि साहस और सच्चाई उम्र की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के डायरेक्टर श्री भगवान पटैल ने अपने संक्षिप्त किंतु प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि “आई.सी.सी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र के प्रति सजग हों।”
उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु गोविंद सिंह जी एवं साहिबज़ादों के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान “देह शिवा वर मोहे” जैसे ओजस्वी और प्रेरक गीत की प्रस्तुति ने वातावरण को और अधिक गरिमामय एवं भावपूर्ण बना दिया। अंत में चारों साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना एवं आत्मविश्वास को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का सुस्पष्ट एवं प्रभावी मंच संचालन कक्षा 9 की छात्रा स्तुति गौर द्वारा किया गया, जिसने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
