सिवनी मालवा (नर्मदापुरम)। एसडीएएम महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 15 दिवसीय पखवाड़ा का समापन श्रद्धा और उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। पखवाड़े के दौरान महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग, नृत्य प्रतियोगिता, यूथ टैलेंट शो, वाद-विवाद प्रतियोगिता सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन कार्यक्रम में बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
प्राचार्य श्री राजेश कुशवाहा ने विद्यार्थियों को बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा भारतीय इतिहास के अद्वितीय जननायक, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्हें प्रेमपूर्वक “धरती आबा” यानी धरती के पिता के रूप में सम्मानित किया जाता है। उन्होंने ब्रिटिश शासन और जमींदारी प्रथा के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित कर बड़ा आंदोलन खड़ा किया। इसी योगदान के सम्मान में 15 नवंबर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पखवाड़े का उद्देश्य बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग, आदिवासी अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रमों के प्रभारी साजिद खान रहे, जबकि शाहरुख सर, समरीन मैडम और नेहा मैडम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। प्राचार्य महोदय द्वारा सभी विजेता एवं सहभागी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज परिसर में “जल–वन–भूमि संरक्षण” तथा “आदिवासी गौरव” विषय पर सामूहिक संकल्प लिया गया।
समापन समारोह में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
