मध्य प्रदेश: मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की बीएलओ को सहयोग की अपील
भोपाल । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हो गई है। यह अभियान 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसके दौरान प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम, पता और अन्य विवरणों का भौतिक सत्यापन करेंगे।
सीईओ संजीव झा की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य-प्रदेश श्री संजीव झा ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी और पूर्ण सहयोग का आग्रह किया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि जब बीएलओ आपके घर आएं, तो उन्हें सटीक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं।
“मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिकों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सम्मिलित हो।” – संजीव झा, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य-प्रदेश
हाँ, आपके सवाल महत्वपूर्ण हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान, बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन के लिए नागरिकों को कुछ बुनियादी दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए।
नागरिकों को तैयार रखने वाले सामान्य दस्तावेज़
हालांकि बीएलओ घर-घर सर्वेक्षण के दौरान कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा (दस्तावेज़ केवल तभी माँगे जाते हैं जब प्रविष्टि का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए), फिर भी सत्यापन और भविष्य के पंजीकरण/सुधार के लिए आपको निम्नलिखित में से कोई एक या अधिक दस्तावेज़ तैयार रखना चाहिए:
पहचान का प्रमाण (Identity Proof):
- आधार कार्ड या पैन कार्ड।
- पासपोर्ट।
- ड्राइविंग लाइसेंस।
- फोटो युक्त बैंक पासबुक।
- पहचान के लिए अन्य कोई वैध सरकारी दस्तावेज़।
निवास का प्रमाण (Address Proof):
- बैंक/किसान/डाकघर पासबुक (चालू)
- राशन कार्ड।
- पासपोर्ट।
- नवीनतम किराया समझौता (यदि लागू हो)।
- पानी/बिजली/टेलीफोन/गैस बिल (आवेदक या निकटतम रिश्तेदार के नाम पर)।
- परिवार रजिस्टर या स्थानीय निकाय प्रमाण पत्र।
- सरकारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
आयु का प्रमाण (Age Proof) (विशेषकर नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6):
- जन्म प्रमाण पत्र।
- कक्षा 8, 10, या 5 का अंकपत्र/शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि जन्मतिथि दी गई हो)।
- भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस।
विवाह के बाद दूसरे शहर से आई महिला के लिए दस्तावेज़
जब कोई महिला विवाह के बाद दूसरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित होती है और अपना नाम नए निवास स्थान की मतदाता सूची में जुड़वाना चाहती है (और पुराने स्थान से हटवाना चाहती है), तो उसे फॉर्म-6 भरना होता है। इस प्रक्रिया में, नए निवास के पते के प्रमाण के साथ-साथ यह साबित करना भी आवश्यक होता है कि वह पहले से कहीं और पात्र मतदाता थी।
महिला को निम्नलिखित अतिरिक्त/विशेष दस्तावेज़ रखने की आवश्यकता हो सकती है:
- नए निवास का प्रमाण: महिला के पति के निवास स्थान का प्रमाण (ऊपर दिए गए निवास प्रमाणों में से कोई एक, जैसे बिजली बिल, राशन कार्ड, आदि)।
- पहचान और विवाह का प्रमाण: उसका अपना EPIC कार्ड (वोटर आई.डी. कार्ड) (यदि उपलब्ध हो)।
- नाम बदलने का प्रमाण: विवाह के बाद नाम परिवर्तन की स्थिति में विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) या कोई अन्य दस्तावेज़, जिसमें पति का नाम शामिल हो, आवश्यक हो सकता है।
मायके से लाने वाला विशिष्ट दस्तावेज़:
सामान्यतः, महिला को अपने मायके से कोई विशिष्ट दस्तावेज़ लाने की आवश्यकता नहीं होती है।
- मूल रूप से, उसे नए पते पर निवास का प्रमाण और अपनी पहचान का प्रमाण देना होता है।
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने पिछले निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-6 में सही जानकारी (पुराना पता और EPIC नंबर) प्रदान करे।
- यदि महिला का नाम मायके के पते पर अभी भी मतदाता सूची में शामिल है, तो नाम विलोपित करने की प्रक्रिया (पुराने पते से नाम हटाना) चुनाव आयोग द्वारा अंतर-विधानसभा क्षेत्र स्तर पर कर दी जाती है।
नोट: यदि महिला के नाम का मिलान SIR-2003 जैसी किसी पुरानी प्रामाणिक सूची से नहीं होता है या उसके दस्तावेजों में कोई विसंगति पाई जाती है, तो निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) विशेष रूप से और केवल आवश्यकता होने पर ही उससे उसके मायके के पते से संबंधित पुराना पहचान प्रमाण या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ मांग सकता है।
नागरिकों के लिए आवश्यक निर्देश
बीएलओ मतदाताओं के निवास पर मतदाता सूची 2025 के विवरण के अनुसार एक प्री-प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म लेकर आएंगे। नागरिकों को निम्नलिखित सहयोग प्रदान करना है:
- जानकारी की पुष्टि: फॉर्म में भरी गई अपनी जानकारी (नाम, पता, आयु, EPIC नंबर) को ध्यानपूर्वक जांचें और पुष्टि करें।
- नए नाम जोड़ना: यदि परिवार में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, तो उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरवाएं।
- विलोपन (हटाना): यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम हटाया जा सके।
- पहचान सुनिश्चित करें: बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान-पत्र लेकर आएंगे, अतः नागरिक पहचान-पत्र देखकर ही जानकारी साझा करें।
मतदाताओं से अपील और अपेक्षित सहयोग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मतदाताओं से बीएलओ (BLO) को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
- सत्यापन में सहयोग: जब बीएलओ आपके घर आएं, तो उन्हें आवश्यक सहयोग दें।
- प्री-प्रिंटेड फॉर्म की जाँच: बीएलओ के पास प्री-प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म होगा, जिसमें मतदाता सूची 2025 के अनुसार आपके विवरण होंगे। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे भरी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक जांचें और पुष्टि करें।
- नए मतदाताओं का पंजीकरण: जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, उनके नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
- विलोपन की सूचना: यदि किसी सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो इसकी जानकारी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके।
- बीएलओ की पहचान: नागरिक बीएलओ से आयोग द्वारा अधिकृत पहचान-पत्र देखकर ही जानकारी साझा करें।
- दस्तावेज़ का संग्रहण: घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। दस्तावेज़ तभी माँगे जाएँगे जब प्रविष्टि का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए, और यह अनुरोध संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) द्वारा अलग से सूचना देकर किया जाएगा।
महत्वपूर्ण नोट: घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेंगे। यदि किसी प्रविष्टि का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है, तो आवश्यक दस्तावेज़ संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) द्वारा अलग से सूचना देकर माँगे जाएंगे।
पुनरीक्षण की पूरी समयरेखा
| प्रक्रिया | अवधि/तिथि |
| घर-घर सत्यापन (BLO सर्वे) | 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक |
| प्रारूप (Draft) मतदाता सूची का प्रकाशन | 9 दिसम्बर 2025 |
| दावा या आपत्ति दर्ज कराने की अवधि | 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 7 फरवरी 2026 |
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यह अभियान एक मजबूत और त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए आवश्यक है, जिसके लिए हर नागरिक का सहयोग अनिवार्य है।
