नर्मदापुरम। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार, 8 नवम्बर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डोलरिया में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरसिंह गेहलोत के निर्देशन में संचालित हुआ।
19 लोगों की जांच, 7 को मिला उपचार और परामर्श
शिविर के दौरान कुल 19 व्यक्तियों की मानसिक स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) की गई, जिनमें से 7 मरीजों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित लक्षण पाए गए। इन मरीजों को आवश्यक दवाएं दी गईं और विशेषज्ञों द्वारा परामर्श प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने मरीजों को मानसिक संतुलन बनाए रखने और नियमित परामर्श लेने की सलाह दी।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट नाज़िया सिद्दीकी ने उपस्थित नागरिकों को ‘मनहित’ एप और ‘मनकक्ष’ कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दोनों प्लेटफ़ॉर्म मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श सेवाएं निःशुल्क प्रदान करते हैं। सिद्दीकी ने उपस्थित लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारीयां प्रदान करने हेतु IEC पेम्पलेट्स वितरित किए और सभी को मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ रहने के उपाय बताए।
किशोरों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
मनकक्ष नोडल अधिकारी डॉ. अंकित गौर ने किशोर-किशोरियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने मिर्गी के दौरे, स्मृति हानि, नशा, अवसाद, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों जैसे मानसिक विकारों की पहचान और उपचार पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव, मोबाइल एडिक्शन और परीक्षा संबंधी दबाव आज के युवाओं में प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए सही परामर्श और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. गौर ने टेली-मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति तत्काल विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकता है।
आशा कार्यकर्ताओं के लिए आत्महत्या रोकथाम प्रशिक्षण
शिविर में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आत्महत्या रोकथाम (गेटकीपर) और मातृत्व मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वे अपने क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों की पहचान कर समय रहते सहायता कैसे उपलब्ध करा सकती हैं।
शिविर में अधिकारियों और स्टाफ की सक्रिय भूमिका
शिविर में बीएमओ डॉ. सृजन सेंगर, मनकक्ष नोडल अधिकारी डॉ. अंकित गौर, आयुष एमओ डॉ. चंदन चावड़ा, डॉ. अक्षय रघुवंशी, डॉ. शाश्वत बुचके, जिला मीडिया प्रभारी सुनील साहू, निधि पटवा सहित अन्य स्वास्थ्य स्टाफ की उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए सराहनीय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें। आवश्यकता पड़ने पर नज़दीकी “मनकक्ष केंद्र” या टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के माध्यम से सहायता प्राप्त करें। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर ही एक स्वस्थ और संतुलित समाज का निर्माण संभव है।
