महिलाओं को आत्मरक्षा व आपातकालीन स्थिति से निपटने की दी गई जानकारी, बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण के तहत विशेष जागरूकता अभियान

महिलाओं को आत्मरक्षा व आपातकालीन स्थिति से निपटने की दी गई जानकारी, बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण के तहत विशेष जागरूकता अभियान

नर्मदापुरम। बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण के संकल्प के साथ जिले में 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अक्षय तृतीया को दृष्टिगत रखते हुए यह अभियान खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि जिले में एक भी बाल विवाह ना हो ।

अभियान के अंतर्गत समस्त परियोजनाओं शहरों में दीवार लेखन ,सभाएं ,रेलिया , स्कूल संवाद एवं जन समुदाय के बीच बातचीत जैसे कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं । इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की कुप्रथा पर प्रभावी रोकथाम करना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी देना और बालिकाओं की सुरक्षा पर गहन संवाद स्थापित करना है ।

अभियान के अंतर्गत परियोजना इटारसी में बालिका सुरक्षा को लेकर संवाद सत्र का आयोजन किया गया । जिससे यह विश्लेषण किया बालिकाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं जब भी घर पर अकेली होती हैं स्कूल बस ट्रेन या बाजार आते जाते समय अकेली होती है कोचिंग सेंटर पर शराब की दुकानों के पास से गुजरते हैं घर में कोई अनजान मेहमान आता है दूर के रिश्तेदार या पड़ोसी आते हैं परिवार के सदस्य शराब या नशे की हालत में होते हैं।

इसके विपरीत बालिकाओं ने स्वयं को माता-पिता भाई दादा दादी स्कूल के शिक्षकों को पुलिस थाने के साथ सुरक्षित महसूस करने की बात कही अभियान के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा को निरंतर जारी रखें रखने एवं अपने आत्मसम्मान की रक्षा करने और किसी भी प्रकार की समस्या को संस्था से साझा करने में संकोच न करने के लिए प्रेरित किया गया।

आयोजित कार्यक्रमों में प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला द्वारा बाल अधिकार एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के अधिकांश मामलों के बारे में जानकारी दी गई साथ ही चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन 1098 आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। आत्मरक्षा के सुझाव पुलिस से सहायता लेने की प्रक्रिया और आपातकालीन स्थिति में क्या करना चाहिए इन सभी बातें को विस्तृत जानकारी दी गई ।

यह स्पष्ट संदेश इस कार्यक्रम में दिया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है जिसके लिए 2 साल की जेल और एक लाख तक का जुर्माना निर्धारित है ।इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बेस्तिवार श्रीमती पूनम मौर्या श्रीमती मीना गठले श्रीमती राखी मौर्य समन्वयक हिना खान , शिक्षक शिक्षिकाएं हितग्राही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं साहिकाय उपस्थित रहे

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